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मिली साहा

Abstract Inspirational

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मिली साहा

Abstract Inspirational

रिश्ता

रिश्ता

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मन की दहलीज पर, जब छा जाता है अंँधेरा,

रोशन कर जाता उसे कोई ख़ास रिश्ता हमारा,


दुःख की बेड़ियों में उलझ जाता है, जीवन कभी,

तो खुशियों के पल से मिलाता कोई रिश्ता प्यारा,


दिवाली लगती है वो अमावस की काली रात भी,

जब कोई अपना साथ हो, प्रकाश बनकर हमारा,


जीवन का ये कठिन सफ़र भी हो जाता आसान,

जब कदम से कदम मिलाता है कोई रिश्ता प्यारा,


माना सबको यहांँ, है अकेले आना अकेले जाना,

पर रिश्तो से ही ज़िन्दगी लगे, जाम खुशियों भरा,


ख़ास हर रिश्ता, है हर रिश्ते की अहमियत यहांँ,

ताउम्र टिकते रिश्ते,प्यार से गर जाए उसे संवारा,


प्रेम, त्याग और एक दूजे पर विश्वास, हर रिश्ता,

मन का आत्मविश्वास ये,है खुशियों का किनारा,


उम्र भर की पूंजी रिश्ता, है दौलत से कम नहीं,

जिसकी चमक में फीका, आसमां का चांँद तारा,


सच्चे रिश्तो की, मिल जाती है जिसे भी सौगात,

उसके जीवन आंगन में समाहित, यह जग सारा,


रिश्ता खुशियों का आसमान, सुख की ज़मीन है,

जिसके बिना ये जीवन लगे है, कोई घना कोहरा,


सुख-दुख उतार-चढ़ाव कामयाबी असफलता में,

अहम भूमिका निभाता है सच्चे रिश्तो का सहारा,


ईश्वर ने इस उपहार से नवाजा है सभी मानव को,

मिला है गर सच्चा रिश्ता, उनसे ना करो किनारा,


खटखटाते रहो रिश्तो के दरवाजे वक़्त वक़्त पर,

विश्वास की कुंडी पर लगने न पाए जंग का पहरा,


छोटी-छोटी बातों पे, रिश्तो को न करो दरकिनार,

अपनों के साथ से ही, खूबसूरत लगे ब्रह्मांड सारा,


कटने के लिए तो, कट जाती है ये ज़िन्दगी ज़रूर,

जिया तभी जाता, जब साथ हो कोई रिश्ता प्यारा।


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