Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here
Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here

Disha Singh

Classics


2.3  

Disha Singh

Classics


रास लीला

रास लीला

1 min 757 1 min 757

रंग भाए मुझें ,

रंग भाए तुझें,

रंग रंगीन हुई ये शाम की ,

राधा के संग मीरा गाये

कृष्णा में दासी तेरे नाम की ,


थिरके मेरे ताल तेरी बंसी से

नाचे ब्रजवासी सभी मदहोशी से 

मेघा बरसे, मोर नाचे 

कुहू कुहू पपीहा गाये 

कान्हा के संग गोपियाँ झूमे


मन कैसे न जले राधा के 

मैं न बोलूं कुछ, श्याम से 

ये देख कान्हा मंद - मंद मुस्काये

रूठे राधा को कैसे मनाओ 

लाल रंग के गुलाल से 


मोहे छेड़े पनघट पर 

हँसी सारी मोरी सखियाँ 

लाज न आये कृष्णा को 

नटखट कृष्णा ही जाने उनकी महिमा 

"निधिवन" में करे कृष्णा राधा रासलीला।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Disha Singh

Similar hindi poem from Classics