प्रभु श्रीराम का जन्मदिन मनाने की करो,तैयारी
आ गई,चैत्र शुक्ल नवमी की पावन तिथि प्यारी
आ ही के दिन हुआ प्रभु का अवतार सुखकारी
मिटाने आये प्रभु श्रीराम अधर्म की लीला सारी
हनुमानजी उनके अनुपम भक्त है,बड़े आज्ञाकारी
जहां होता राम नाम वहां होती,हनुमंत किलकारी
फूलों से सजाओ प्रभु मंदिर की हर चारदीवारी
आज सूर्यवंशी प्रभु श्री राम के जन्मदिन की बारी
मर्यादा पुरुषोत्तम के गुण गाओ,सब ही नर-नारी
मुश्किलें सब मिट जायेगी,राम नाम बहु चमत्कारी
राम नाम के प्रताप से पत्थर तैरते है,भारी से भारी
मेरे प्रभु ने मारे कई राक्षस,रावण जैसे अहंकारी
पहले एक रावण था,वह भी शिवभक्त संस्कारी
आज तो रावण भरे बैठे,कई मन की चारदीवारी
जिनकी पहचान करना भी बहुत है,सङ्गर्षकारी
अपने साथ रह करते,ये दैत्य मनु रूप धर गद्दारी
आज के रावण मुंह में राम बगल में रखते,कटारी
प्रभु आ जाओ,मिटाने एक-एक रावण अहंकारी
चलाओ वो पूनम बाण,मिटे अधर्म अमावस अंधियारी
जो लेते प्रभु नाम,वहां चलती न कलि कलाकारी
आज फिर से जरूरत आई,अवतरण लो धनुषधारी
साखी आया शरण,प्रभु श्री राम लाज राखो म्हारी
मिटा कलि प्रभाव दो हनुमंत भक्ति की वो तलवारी
जिसके प्रभाव से कलि भी बने सतयुग की नारी
दिल से विजय
विजय कुमार पाराशर-"साखी"