STORYMIRROR

यवधेश साँचीहर

Drama

3  

यवधेश साँचीहर

Drama

राम रो स्वागत

राम रो स्वागत

1 min
268

रामा ने बुलावो दीजौ जी, लारै सीताजी ने लावै अशो कीजो जी

आयो पनावां रौ औसर, आशीष दीजो जी, पण रामा नै नियोतो दीजो जी


वीरा जा वठै अर देखर आ, रामा जी पधार्या किकर हाम्बल जा

रामा ने बुलावो दीजौ जी, लारै सीताजी ने लावै अशो कीजो जी


आयो पनावां रौ औसर, आशीष दीजो जी, पण रामा नै नियोतो दीजो जी

वीरा जा वठै अर देखर आ, रामा जी पधार्या किकर हाम्बल जा


मन्वारा वानै न्यारी-न्यारी कीजो जी, सुखी वेवण बैठे असो करम कीजो जी

हेत प्रीत उन्ने आरती द्यो, तांबा जेड़ा चमके मु्ंडो ठाडे बो


आसण मान सबऊं ऊंसो दीजो जी, मारा रामा है पधार्या मूं यूं राजी वीं

ओपन्नो ओडावण स्वागत द्यो, साझै उन्ना गाबां अशोवाळो मान रखो


इक टुक मनै निहारण द्यो, मारा रामा है पधार्या मूं यूं राजी वों

रामाजी सरळ घणा पावन हो, पग आचमन करण मूं यूं भागसाली जो


रामा ने बुलावो दीजौ जी, लारै सीताजी ने लावै अशो कीजो जी

दाल-कडी मनं परोसण द्यो, मारी सीताजी पधार्या मने आशीष द्यो


रामा ने बुलावो दीजौ जी, लारै सीताजी ने लावै अशो कीजो जी।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama