राखी और कर्तव्य
राखी और कर्तव्य
ज्यों राखी है भाई का गहना
बहन का भी क्या है कहना
चुनकर लाती सबसे सुंदर
चाहे हो वो फूलों वाली
या मौली के रूप वाली
प्यार बहन का इसमें जुड़ कर
बन जाती यह अनमोल गहना
भाई - बहन का अनोखा रिश्ता
दोनों हैं यह माँ की आँखों के तारे
हँसते - गाते घर की रौनक सदा बढ़ाते
मात - पिता की जीवन नैया
मिलकर दोनों पार लगाते
सदा ही रहना मिलकर यूँ ही
यह आशीष सबसे पाते
मात - पिता का मान बढ़ाना
राखी का भी वचन निभाना ।।
