STORYMIRROR

Jyoti Naresh Bhavnani

Inspirational

4  

Jyoti Naresh Bhavnani

Inspirational

राजभाषा हिंदी पर अभिमान करूं

राजभाषा हिंदी पर अभिमान करूं

1 min
327

हिन्दी है मेरे देश की राजभाषा,

उस पर सदा मैं अभिमान करूं,

अपनी राजभाषा का दिल से अपने,

मैं ख़ूब ख़ूब ही सम्मान करूं।


लगती मुझको ये भाषा अपनी सी,

इस से सदा ही मैं प्यार करूं,

लगती मुझको ये बहुत ही सरल ही,

इसका दिल से सदा मैं सत्कार करूं।


सब कुछ मिला है मुझको इसी से,

इस पर दिल से सदा ही मैं मान करूं,

मां सरस्वती का वरदान मिला है इसी से,

इसका सदा ही मैं गुणगान करूं।


आज कुछ लिखने के काबिल बनी मैं इसी से,

इस बात का मैं स्वीकार करूं,

इसके लाखों एहसान हैं मेरी ज़िंदगी पे,

फिर क्यों न इस पर मैं अपनी जान निसार करूं।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational