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AVINASH KUMAR

Romance Tragedy

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AVINASH KUMAR

Romance Tragedy

राह तुम्हारी ही मैं देखता

राह तुम्हारी ही मैं देखता

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राह तुम्हारी ही मैं देखता रहता हूँ

तुम्हारे ही बारे में मैं सोचता रहता हूँ


आती है तुम्हारी ही सूरत नज़र

जहॉ भी मैं देखता रहता हूँ


धड़कता रहता है मेरा दिल 

दुआएं हरदम ही मांगता रहता हूँ


मैने हरदम ही सिर्फ तुमको ही चाहा है

दिल के जख्मों को मैं देखता रहता हूँ


रहते है ऑखो में ऑसू दिल में उदासी

याद तुमको ही हरपल किया करता हूँ


हैं भगवान से फरियाद सुनले एकबार

दे दे तू हमेशा के लिए मुझको मेरा यार


मैंने इससे ज्यादा तुझसे कुछ नहीं माँगा

तू दे दे मुझको मेरा प्यार है सिर्फ माँगा।


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