Abhay kashyap
Classics
बंशी सब सुर त्यागे है
एक ही सुर में बाजे है,
हाल ना पूछो मोहन का
सबकुछ राधे-राधे है।
मेरे लिए
तुझमें मुझमें
कुछ तो कर
अनूठी यारी
एक तरफ़ा इश्क...
अनकहे अल्फ़ाज...
ख़ामोश इश्क़
दरमियान
होगा
राधे-राधे
तेरहवीं सदी में बनाई गई, ईंटों से निर्मित की गई। तेरहवीं सदी में बनाई गई, ईंटों से निर्मित की गई।
उम्मीद की लौ जलाना चाहता हूँ। हाँ, मैं सच्चा स्वार्थी हूँ। मैं स्वार्थी हूँ। उम्मीद की लौ जलाना चाहता हूँ। हाँ, मैं सच्चा स्वार्थी हूँ। मैं स्वार्थी हूँ।
नेक नीयत की रौशनी रखना जिसका रूहों तलक असर जाये। नेक नीयत की रौशनी रखना जिसका रूहों तलक असर जाये।
पंच उपास्य देवोंमें से एक श्री गजानन, आदि गणेश प्रकटे करें विघ्न नाशन। पंच उपास्य देवोंमें से एक श्री गजानन, आदि गणेश प्रकटे करें विघ्न नाशन।
तन - मन को सुरम्यता का भान हो रहा, आनंदित हैं सभी जन। तन - मन को सुरम्यता का भान हो रहा, आनंदित हैं सभी जन।
जिद्द मेहनत लका, ध्येय करून साकार | नही कोनीको आधार, मीच मोरो शिल्पकार | जिद्द मेहनत लका, ध्येय करून साकार | नही कोनीको आधार, मीच मोरो शिल्पकार |
उनको शमन करो दमन करो मैं ऐसा तुम्हे बताने आया हूँ। उनको शमन करो दमन करो मैं ऐसा तुम्हे बताने आया हूँ।
निस्वार्थ प्रेम का पाठ पढ़ाते सूरजमुखी के फूल बड़े प्यारे। निस्वार्थ प्रेम का पाठ पढ़ाते सूरजमुखी के फूल बड़े प्यारे।
जैसे ग्रन्थ आपकी कला के ही समास हैं। जैसे ग्रन्थ आपकी कला के ही समास हैं।
जो हमें जमीं से उठा कर आसमां पर बिठा देते हैं। जो हमें जमीं से उठा कर आसमां पर बिठा देते हैं।
काश मिल जाए मुझे, वो बचपन सुहाना। काश मिल जाए मुझे, वो बचपन सुहाना।
ना कुछ छिपाना और दिल मे जो आए बताना था। ना कुछ छिपाना और दिल मे जो आए बताना था।
वापस गिरकर बार-बार लगातार चलना है, बस आज मुझे शायर बनाना है... वापस गिरकर बार-बार लगातार चलना है, बस आज मुझे शायर बनाना है...
स्वामी गिरिजात्मज हे लेण्याद्रीका भगवान | विघ्नहर्ता विघ्नेश्वर ओझरका श्रध्दास्थान || स्वामी गिरिजात्मज हे लेण्याद्रीका भगवान | विघ्नहर्ता विघ्नेश्वर ओझरका श्रध्दास्...
खेलो रे खेलो रे बजाके ढ़ोल। खेलो रे खेलो रे बजाके ढ़ोल।
ऐब ख़ुद के छुपा देखो, दूसरों के करें चर्चे लोग। ऐब ख़ुद के छुपा देखो, दूसरों के करें चर्चे लोग।
फुलजसी या कोमल पुरो घरं चहकसे | गुण सिखकर नवा समाजमा महकसे ||३ फुलजसी या कोमल पुरो घरं चहकसे | गुण सिखकर नवा समाजमा महकसे ||३
जैविक खेती से नाता जोड़कर जीवन को समृद्धि की ओर मुख मोड़े।। जैविक खेती से नाता जोड़कर जीवन को समृद्धि की ओर मुख मोड़े।।
मीरा राज योग में भी, बावली सी भागती।। मीरा राज योग में भी, बावली सी भागती।।
सुनलव बिनती राम लला जी, लेव फेर अवतार। सुनलव बिनती राम लला जी, लेव फेर अवतार।