STORYMIRROR

Sangeeta Ashok Kothari

Abstract

3  

Sangeeta Ashok Kothari

Abstract

राब्ता

राब्ता

1 min
176

राब्ता जब दो यारों या ज्यादा का हुआ तो याराना कहलाता,

राब्ता पत्नी और पति के मध्य का हुआ तो ब्याह कहलाता,

राब्ता प्रेमी और प्रेमिका के मोहब्बत का तो प्रेमालाप कहलाता,

राब्ता छात्रों एवं अध्यापक के सम्बन्ध का तो शिक्षा कहलाता,

राब्ता मालिक और नौकर के दरम्यान, वो मददगार कहलाता,

राब्ता गोरे और कालों में फ़र्क का वो रंगभेद कहलाता,

राब्ता अमीरी और गरीबी में अंतर का वो भेदभाव कहलाता।

राब्ता जब ज़मीं से आसमान का हुआ तो क्षितिज कहलाया।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract