राब्ता
राब्ता
राब्ता जब दो यारों या ज्यादा का हुआ तो याराना कहलाता,
राब्ता पत्नी और पति के मध्य का हुआ तो ब्याह कहलाता,
राब्ता प्रेमी और प्रेमिका के मोहब्बत का तो प्रेमालाप कहलाता,
राब्ता छात्रों एवं अध्यापक के सम्बन्ध का तो शिक्षा कहलाता,
राब्ता मालिक और नौकर के दरम्यान, वो मददगार कहलाता,
राब्ता गोरे और कालों में फ़र्क का वो रंगभेद कहलाता,
राब्ता अमीरी और गरीबी में अंतर का वो भेदभाव कहलाता।
राब्ता जब ज़मीं से आसमान का हुआ तो क्षितिज कहलाया।
