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ritesh deo

Abstract

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ritesh deo

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प्यार

प्यार

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प्यार में कुछ आज़ाद हुए, कुछ बर्बाद हुए 

जो आज़ाद हुए, वो तो जश्न मनायेंगे

लेकिन जो बर्बाद हुए उनके जश्न का क्या फायदा


प्यार करते ही थे तो बता देते, यूँ छुपाने का क्या फायदा

दूर जाना ही है तो पास आना क्यों

और पास आ कर दूर चले गए, तो पास आने का क्या फायदा


वादे करते थे जन्मो तक साथ रहने का 

जब साथ नही दे सकते तो उन वादों का क्या फायदा

सपने देखे थे साथ रहने का

जब साथ रहना ही नहीं तो उन सपनो का क्या फायदा


कहते हैं कि तुम पर खुद से ज्यादा भरोसा है.. 

जो एक बार में ही टूट जाए ऐसे भरोसे का क्या फायदा

चलो भरोसा टूट कोई बात नहीं

कुछ सवाल होते हैं. 

जिनके जवाब देने होते हैं 

लेकिन जब जवाब ही न मिले तो उन सवालों का क्या फायदा


खैर आखिर में बचते हैं अकेले इंसान 

जो खुद को सवालों के कटघरे में खड़ा पाता है

लेकिन जब कोई फैसला ही नहीं

तो उन सवालों, उस कटघरे का क्या फायदा


अगर खुद टूट सकता हैं इंसान

तो खुद संभल भी सकता है

किसी और की आस करने का क्या फायदा


और सब पूछते हैं, उससे उसकी तन्हाइयों का आलम

जब पता है कोई जवाब नहीं आयेगा तो ऐसे सवालों का क्या फायदा।


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