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Rahulkumar Chaudhary

Romance Tragedy Classics

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Rahulkumar Chaudhary

Romance Tragedy Classics

प्यार का एहसास

प्यार का एहसास

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मैं प्रेम में नहीं दूंगा तुम्हे लाल गुलाब

जो वक़्त की मार झेल कर अंत में

तुम्हारे किसी किताब की शोभा बढ़ाएगा 


मैं प्रेम में दूंगा तुम्हे तुम्हारे हिस्से का वो स्थान

जहा तुम रो सकोगे, सिसक सकोगे 

बच्चो की तरह ज़िद कर सकोगे

कहीं अनकही बातें कर सकोगे


जब कभी हमारा रिश्ता मुरझाएगा

ये किसी स्पर्श की भांति

हमेशा तुम्हारे जेहन में जिंदा रहेगा।


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