Pradeepti Sharma
Fantasy Inspirational
मन उपवन में पुष्प खिला,
मानो जैसे नवजीवन मिला है, खून
शबू जिसकी महकाती कण कण,
आभा जिसकी चहकाती ये तन,
रंग जिसका थकी आँखों को कर दे रोशन,
रूप जिसका रूठी हँसी को कर दे प्रसन्न।
तुम हर मौसम य...
इंदुकला
इन्साफ
एक प्रेम ऐसा ...
वक़्त
जीवंत
सड़क
ठहराव
स्वीकृति
धारा
बड़ी सोंधी महकती है वो मिट्टी जिसका मैं बना हूँ। बड़ी सोंधी महकती है वो मिट्टी जिसका मैं बना हूँ।
तभी पिता ने था समझाया, बिटिया स्वच्छंद विचार रख मन के। तभी पिता ने था समझाया, बिटिया स्वच्छंद विचार रख मन के।
क्यों ना किसी के गम को दूर किया जाए??.... क्यों ना आज से एक नई शुरुआत की जाए?? क्यों ना किसी के गम को दूर किया जाए??.... क्यों ना आज से एक नई शुरुआत की जाए?...
नशा व गुरूर को छोड़ सबसे नरमी से पेश आते जाएं। नशा व गुरूर को छोड़ सबसे नरमी से पेश आते जाएं।
ये सांसे सिमटने घुटने लगती है और बेचैन दिल बस कुम्हलाया सा शांत हो जाता है ये सांसे सिमटने घुटने लगती है और बेचैन दिल बस कुम्हलाया सा शांत ह...
ख्वाहिशों की बलि देकर जिम्मेदारियों का एहसास बताया जाता है, ख्वाहिशों की बलि देकर जिम्मेदारियों का एहसास बताया जाता है,
ज़िन्दगी का ज़्यादा तर्जुबा तो नहीं है, सलीका जीने का आज भी सीख रही हूँ मैं, ज़िन्दगी का ज़्यादा तर्जुबा तो नहीं है, सलीका जीने का आज भी सीख रही हूँ मैं,
हर रोज टुकड़ा टुकड़ा होते जाते हो, अमावस्या को बिल्कुल खो जाते हो, हर रोज टुकड़ा टुकड़ा होते जाते हो, अमावस्या को बिल्कुल खो जाते हो,
भारत माता का हर सैनिक चरणों में तेरे नमन करेगा भारत माता का हर सैनिक चरणों में तेरे नमन करेगा
काश! कभी झांककर देखा होता दिल की खिड़की से तो जान पाती आज भी है किसी को इंतज़ार काश! कभी झांककर देखा होता दिल की खिड़की से तो जान पाती आज भी है किसी को इंतज़...
भले ही हरकत किसी की भी थी दंड आँखों को ही मिला आखिरकार, भले ही हरकत किसी की भी थी दंड आँखों को ही मिला आखिरकार,
बारिश में भीगने का भी तब अलग ही मजा था पतंगे लड़ाने में दिन हमारा गुजरता था। बारिश में भीगने का भी तब अलग ही मजा था पतंगे लड़ाने में दिन हमारा गुज...
पंख लगा कर नभ छू लेना कभी एक सपना ही था पंख लगा कर नभ छू लेना कभी एक सपना ही था
आईने और इंसान का सफ़र चलता ही जाता है ता-उम्र पीढ़ी दर पीढ़ी आईने और इंसान का सफ़र चलता ही जाता है ता-उम्र पीढ़ी दर पीढ़ी
गिर-गिर के उठना नाम जिंदगी, क्या करना छोटी-छोटी तकरारो का। गिर-गिर के उठना नाम जिंदगी, क्या करना छोटी-छोटी तकरारो का।
बेखौफ़ पर्वतों से टकराती मचलती और बरसती बूँदों की करती यात्रा। बेखौफ़ पर्वतों से टकराती मचलती और बरसती बूँदों की करती यात्रा।
हंसी, ठिठोली, मजाक, एक्शन-रिएक्शन हंसना, खेल-खिलौना बहुत सा पढ़ना हंसी, ठिठोली, मजाक, एक्शन-रिएक्शन हंसना, खेल-खिलौना बहुत सा पढ़ना
आने को तैयार जनवरी चार दिनों की बातें है। आने को तैयार जनवरी चार दिनों की बातें है।
प्यार दोगे तो प्यार समझेगी पूरी प्रीत निभाएगी मशीन। प्यार दोगे तो प्यार समझेगी पूरी प्रीत निभाएगी मशीन।
लव कुश पुत्र तहाँ ही जाए, सारी कला सिखलाई गयी ।। लव कुश पुत्र तहाँ ही जाए, सारी कला सिखलाई गयी ।।