Pradeepti Sharma
Fantasy Inspirational
मन उपवन में पुष्प खिला,
मानो जैसे नवजीवन मिला है, खून
शबू जिसकी महकाती कण कण,
आभा जिसकी चहकाती ये तन,
रंग जिसका थकी आँखों को कर दे रोशन,
रूप जिसका रूठी हँसी को कर दे प्रसन्न।
तुम हर मौसम य...
इंदुकला
इन्साफ
एक प्रेम ऐसा ...
वक़्त
जीवंत
सड़क
ठहराव
स्वीकृति
धारा
यहाँ सब लोग हँसते है यहाँ सब लोग हँसते है
सब लोग मेरी सादगी और ईमानदारी पर हॅंसते है पर कोई मेरी सादगी की सुंदरता को ना समझता है की बेकार है... सब लोग मेरी सादगी और ईमानदारी पर हॅंसते है पर कोई मेरी सादगी की सुंदरता को ना स...
कण-कण में वो बसते हैं रास गोपियों संग वो रचते हैं इस प्रकार जगी मन में, प्रेम नगर के भ्रमण पे जाने क... कण-कण में वो बसते हैं रास गोपियों संग वो रचते हैं इस प्रकार जगी मन में, प्रेम नग...
बचपन में ना थी चिंता ना फिक्र बचपन में ना थी चिंता ना फिक्र
प्यार होकर भी जता नहीं पाते प्यार होकर भी जता नहीं पाते
प्रेम अलंकृत तुम से ही है प्रेम अलंकृत तुम से ही है
अच्छा लगता है तुम्हारा होना अच्छा लगता है तुम्हारा होना
अकेले ही जीता रेह, और अकेले ही लौट जाना। अकेले ही जीता रेह, और अकेले ही लौट जाना।
आख़िरकार थक कर जिन्दगी मुझसे बोल ही पड़ी!! यूँ कब तक खुद से भागते रहोगे, जरा सा ठहरो, ठंडा-वंडा पा... आख़िरकार थक कर जिन्दगी मुझसे बोल ही पड़ी!! यूँ कब तक खुद से भागते रहोगे, जरा सा...
प्यार तो कल- कल बहनेवाली प्यार तो कल- कल बहनेवाली
मुझे डर है कहीं रो न दूँ ज़ार ज़ार मुझे डर है कहीं रो न दूँ ज़ार ज़ार
स्वेच्छा को साकार जो कर दे, बनना ऐसे तुम विरले। स्वेच्छा को साकार जो कर दे, बनना ऐसे तुम विरले।
कुछ ऐसा होगा हमारा नव वर्ष का आगमन कुछ ऐसा होगा हमारा नव वर्ष का आगमन
डाइरी के बचे हुए पन्ने डाइरी के बचे हुए पन्ने
अदभुत सौंदर्य की मल्लिका अदभुत सौंदर्य की मल्लिका
काश! एक दरिया आसमान से जो मिलता मैं उड़ता परिदों सा पर फैला कर, छूकर ये तारे गगन चूम काश! एक दरिया आसमान से जो मिलता मैं उड़ता परिदों सा पर फैला कर, छूकर ये ता...
हम उसके लौटआने का इन्तज़ार करते है हम उसके लौटआने का इन्तज़ार करते है
सुकून का चेहरा कितना खूबसूरत होता है सुकून का चेहरा कितना खूबसूरत होता है
आसमान की ऊँचाइयों को छूना है उसका हुनर आसमान की ऊँचाइयों को छूना है उसका हुनर
सर हिलाकर नाचेंगे एकदिन सर हिलाकर नाचेंगे एकदिन