STORYMIRROR

Pradeepti Sharma

Fantasy Inspirational

2  

Pradeepti Sharma

Fantasy Inspirational

पुष्प

पुष्प

1 min
150

मन उपवन में पुष्प खिला, 

मानो जैसे नवजीवन मिला है, खून


शबू जिसकी महकाती कण कण,

आभा जिसकी चहकाती ये तन, 


रंग जिसका थकी आँखों को कर दे रोशन, 

रूप जिसका रूठी हँसी को कर दे प्रसन्न।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy