Pradeepti Sharma
Fantasy Inspirational
मन उपवन में पुष्प खिला,
मानो जैसे नवजीवन मिला है, खून
शबू जिसकी महकाती कण कण,
आभा जिसकी चहकाती ये तन,
रंग जिसका थकी आँखों को कर दे रोशन,
रूप जिसका रूठी हँसी को कर दे प्रसन्न।
तुम हर मौसम य...
इंदुकला
इन्साफ
एक प्रेम ऐसा ...
वक़्त
जीवंत
सड़क
ठहराव
स्वीकृति
धारा
कभी तुम यूँ करना कि हमेशा के लिए सिर्फ मेरे हो जाना। कभी तुम यूँ करना कि हमेशा के लिए सिर्फ मेरे हो जाना।
हाँ! बेमानी है तुम्हें ढूंढना , जग के किसी भी नज़ारे में! हाँ! बेमानी है तुम्हें ढूंढना , जग के किसी भी नज़ारे में!
सोचती हूँ मन तो तू मेरा है तो क्या इज़ाज़त लू मैं माथा तेरा चूमने से पहले। सोचती हूँ मन तो तू मेरा है तो क्या इज़ाज़त लू मैं माथा तेरा चूमने से पहले।
ख़ुदा की रहमत से जज़्बात उतरे कागज़ पर। ख़ुदा की रहमत से जज़्बात उतरे कागज़ पर।
सारे धर्म के सम्मान में, सिर उनका खुद झुक गया। सारे धर्म के सम्मान में, सिर उनका खुद झुक गया।
परिस्थितियाँ अनुकूल होगी इस पर जागता विश्वास है। परिस्थितियाँ अनुकूल होगी इस पर जागता विश्वास है।
वरना गलती निकालने वाले तो ताज महल में भी निकालते हैं। वरना गलती निकालने वाले तो ताज महल में भी निकालते हैं।
कभी समझदार, कभी नादान। वह है वक्त बलवान। कभी समझदार, कभी नादान। वह है वक्त बलवान।
स्वीकृति भी धरा की छोर-छोर नज़र आती है रूत ये सावन चित्तचोर नज़र आती है। स्वीकृति भी धरा की छोर-छोर नज़र आती है रूत ये सावन चित्तचोर नज़र आती है।
सर्वशक्तिमान होने का गुरुर कोई तो है जिसके आगे हो तुम सब बेबस, मज़बूर। सर्वशक्तिमान होने का गुरुर कोई तो है जिसके आगे हो तुम सब बेबस, मज़बूर।
सपने देखो जरुर देखो बस उनके पुरे होने कि शर्त मत रखो ---चित्रपट: दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे (1995) सपने देखो जरुर देखो बस उनके पुरे होने कि शर्त मत रखो ---चित्रपट: दिलवाले दुल्हनि...
उसके खातिर मेरे हर दुआ को तुने अपनी रजा दी है। उसके खातिर मेरे हर दुआ को तुने अपनी रजा दी है।
तो अगर परवाह करना भी गलत है तो हाँ मैं बेवकूफ हूँ। तो अगर परवाह करना भी गलत है तो हाँ मैं बेवकूफ हूँ।
अलग-अलग रूपों में आकर, तूने अलख जगाई है अलग-अलग रूपों में आकर, तूने अलख जगाई है
आकाश के पार कहीं दूर जाना चाहता हूं। आकाश के पार कहीं दूर जाना चाहता हूं।
तुम मुझे लगता था नई इन्सान अपने के बारे सोच कर सकते खुद को संभालो। तुम मुझे लगता था नई इन्सान अपने के बारे सोच कर सकते खुद को संभालो।
क्यूंकि जीवन की लंबाई नहीं जीवन की गहराई मायने होती है। क्यूंकि जीवन की लंबाई नहीं जीवन की गहराई मायने होती है।
भय्युबेटी भय्युबेटी
बस एक महफ़िल हो, जिसके मंच पर हर कवि हो । बस एक महफ़िल हो, जिसके मंच पर हर कवि हो ।
काश दिल चाहता वो होता तो बात ही क्या थी। काश दिल चाहता वो होता तो बात ही क्या थी।