Pradeepti Sharma
Fantasy Inspirational
मन उपवन में पुष्प खिला,
मानो जैसे नवजीवन मिला है, खून
शबू जिसकी महकाती कण कण,
आभा जिसकी चहकाती ये तन,
रंग जिसका थकी आँखों को कर दे रोशन,
रूप जिसका रूठी हँसी को कर दे प्रसन्न।
तुम हर मौसम य...
इंदुकला
इन्साफ
एक प्रेम ऐसा ...
वक़्त
जीवंत
सड़क
ठहराव
स्वीकृति
धारा
नज़रें चुरा के नज़रें मिलाना सीखा कहाँ से तुमने पागल बनाना... नज़रें चुरा के नज़रें मिलाना सीखा कहाँ से तुमने पागल बनाना...
पंचर होता या टीप भी फट जातीं, मगर साईकिल वफादार बताते थे। पंचर होता या टीप भी फट जातीं, मगर साईकिल वफादार बताते थे।
आप पापा हो मुझे प्यार करते रेहेना कभी भी मर्दांगी मत दिखाना आप पापा हो पापा ही रहना आप पापा हो मुझे प्यार करते रेहेना कभी भी मर्दांगी मत दिखाना आप पापा हो...
है चाँद छूने की तमन्ना तो ख़्वाब देखिए... है चाँद छूने की तमन्ना तो ख़्वाब देखिए...
रोज बनाता हूं तस्वीर तेरी शोख अदाओं की मेरी धड़कन हर रोज तेरी महफ़िलें सजाती है। रोज बनाता हूं तस्वीर तेरी शोख अदाओं की मेरी धड़कन हर रोज तेरी महफ़िलें सजात...
आख़िर...वो सफ़र, चला ही गया ! ज़रूर आऊँगा मैं, कहकर चला ही गया ! आख़िर...वो सफ़र, चला ही गया ! ज़रूर आऊँगा मैं, कहकर चला ही गया !
बिछड़ना कुदरत का नियम है, बस! यादें उसकी बात कहें।। बिछड़ना कुदरत का नियम है, बस! यादें उसकी बात कहें।।
सावन की रिमझिम फुहार, तन पर जब से पड़ी हैं.. सावन की रिमझिम फुहार, तन पर जब से पड़ी हैं..
अपनी चाहतों का खजाना हमने खुलेआम भेजा है। अपनी चाहतों का खजाना हमने खुलेआम भेजा है।
बरसों गुजर गये कशमकश के पलना में कि तुम्हारा जवाब हां में था या ना में। बरसों गुजर गये कशमकश के पलना में कि तुम्हारा जवाब हां में था या ना में।
इश्क भी जो किया तो किया क्या किया जो किया जिंदगी फिर कहीं रह गई इश्क भी जो किया तो किया क्या किया जो किया जिंदगी फिर कहीं रह गई
सच से मुंह मोड़ रखा है झूठ से दिल जोड़ रखा है। सच से मुंह मोड़ रखा है झूठ से दिल जोड़ रखा है।
प्रियतम जीते जहाँ प्रियतमा हार गई वहीं। प्रियतम जीते जहाँ प्रियतमा हार गई वहीं।
चुनाव की तरंगें जीवन की राह, कुत्ते की टेडी पूँछ की मिसाल। चुनाव की तरंगें जीवन की राह, कुत्ते की टेडी पूँछ की मिसाल।
शब्दों के एहसांसो में है सुगंध तेरी बातों का। शब्दों के एहसांसो में है सुगंध तेरी बातों का।
समय के साथ हर घाउ भर जाता है कृपया अपने राय अपने पास रखिए। समय के साथ हर घाउ भर जाता है कृपया अपने राय अपने पास रखिए।
प्रह्लाद की कथा हमें देती सदैव एक सीख प्रह्लाद की कथा हमें देती सदैव एक सीख
सोच के उसकी बातों को ,जब-जब मन प्रफुल्लित हो सोच के उसकी बातों को ,जब-जब मन प्रफुल्लित हो
मैं करुँगी थाणी चोखी मनुहार खुद भी खाऊ थाने भी खडाऊ पेट भरार... मैं करुँगी थाणी चोखी मनुहार खुद भी खाऊ थाने भी खडाऊ पेट भरार...
डूबकर अपनी और अपनी दिल की सुनकर एक हो हौसला सा मिलता है। डूबकर अपनी और अपनी दिल की सुनकर एक हो हौसला सा मिलता है।