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Dipesh Kumar

Tragedy

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Dipesh Kumar

Tragedy

पर्यावरण का दुश्मन

पर्यावरण का दुश्मन

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आओ सब मिलकर देखो

कैसा हो गया हैं सब कुछ।

जो पहले सूंदर दिखता था,

अब हो गया बदसूरत।


कभी सोचता हूँ मैं ये सब,

क्या कर दिया हम सब ने।

जल को दूषित कर दिया,

और कर दिया वायु दूषित।


समय समय पर कर रहे हैं,

मृदा को भी हम सब दूषित।

बची कूची कसर को पूरा करते,

ध्वनि से प्रदूषण करके।


सोच समझकर ये बताओ,

कौन हैं इन सबका कारण ?

मुझे समझ आ चुका हैं,

मनुष्य ही हैं पर्यावरण का दुश्मन।


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