STORYMIRROR

shekhar kharadi

Romance Classics Others

4  

shekhar kharadi

Romance Classics Others

प्रणय संग - हाइकु

प्रणय संग - हाइकु

1 min
413

प्रेम संलग्न

स्पष्ट हृदय भाव

नित्य स्पर्श 


अस्पृश्य मन

अलौकिक भावार्थ

भीतर देखें


उत्कृष्ट स्वप्न

नैसर्गिक सौंदर्य

चित्रण करें


खट्टी-मीठी सी

स्मृतियां टटोलकर

खुशियां ढूंढें


प्रणय संग

हरे-भरे वन में

अनंत घूमें


यहां श्रद्धा से

भावनाएं लेकर

करुणा रूपी


सृजन करें

अप्रतिम संबंध

मुलायम सा


बुद्ध कृपा से

आध्यात्मिक होकर

तृष्णा रहित


घृणा से दूर

संपूर्ण साथ रहेंगे

पूर्ण जीवन


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance