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Uma Bali

Inspirational


4.3  

Uma Bali

Inspirational


परिवर्तन

परिवर्तन

2 mins 17 2 mins 17

आसमान का नीला रंग

निखर गया है

धूप में भी सोना 

बिखर गया है


हवाएँ भी दे रही हैं

और ज़्यादा धड़कने 

रात के प्रहरी 

खुल कर लगे है चमकने


फूल फूल मँडराने 

लगी है तितलियाँ 

अपने ही बोझ से 

झुकी जा रहीं है डालियाँ 


पर्वतों के शिखर भी

सर उठाए नज़र आ रहे है

और मानव को बौनेपन का

एहसास करा रहे है


नदियाँ निखर निखर

इतरा रही है

हम सब को असलियत का

आईना दिखा रही है


एक विषाणु ने

मानव जाति को चेताया है

उसकी नशवरता का

आभास करवाया है

सभी आडंबरों से पर्दा 

उठाया है


गर अब भी न सँभल पाया इन्सान 

नहीं मिलेगी उसे कोई ठौर

अब की बयार ये बता रही है

प्रकृति है परिवर्तन की ओर 



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