परिवार हमारी धरोहर है
परिवार हमारी धरोहर है
परिवार है हमारे पूर्वजों की विरासत हमारी धरोहर,
संस्कारों और आदर्शों का ये है एक विशाल समंदर,
परिवार बनता है रंग- बिरंगे कई रिश्तों से मिलकर,
मन की शांति और खुशियां मिलती हैं जिसके अंदर,
खुशियों से भरा परिवार, है हमारे जीवन का आधार,
प्यार, एहसास की दौलत से भरा रहता जहां भंडार,
परिवार अगर साथ है तो हर सपना होता है साकार,
परिवार से ही तो सीखते हैं हम आदर्श और संस्कार,
मिलती है सुरक्षा यहां विश्वास अपनेपन की छांव में,
परिवार से बढ़कर कोई दौलत नहीं होती जीवन में,
एक छत के नीचे रहना ही तो परिवार नहीं कहलाता,
प्यार के नाजुक धागों से यहां हरेक रिश्ता बंधा होता,
मिलकर बांट लेते सुख दुख, है यह खुशियों का द्वार,
हमारे जीवन भर की पूंजी होती है एक सुखी परिवार,
किसी इंसान के लिए उसका परिवार है संपूर्ण संसार,
प्यार की एक-एक ईंट जोड़कर निर्मित होता परिवार,
बच्चों की चहलकदमी और मां की ममता भरी पुकार,
सही -गलत की पहचान कराती पिताजी की फटकार,
दादा-दादी की आदर्श कहानियां देती जीवन का सार,
भाई- बहनों की नोकझोंक से मिलकर बनता परिवार,
परिवार में जो सुख, वो सुख कहीं और मिलता नहीं,
घूम लो चाहे सारी दुनिया, सुकून तो मिलता है यही,
परिवार है जीवन का उपहार इसे कभी ना टूटने देना,
पूर्वजों की विरासत इस धरोहर को सहेज कर रखना।
