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संजय असवाल "नूतन"

Romance

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संजय असवाल "नूतन"

Romance

प्रेम

प्रेम

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साथ तुम्हारा

मुझे बहुत अच्छा लगता है,

ये मुझे दिल से सच्चा लगता है,

सुबह की तुम्हारी वो थपकी,

मुझे नींद से जगाना,

हाथों में मेरे प्यार से चाय की प्याली थमाना,

सच बहुत अच्छा लगता है,

दिल के करीब लगता है।

मैं दिन भर तेरी यादों में फिरता हूं,

तेरे एक मुस्कराहट पर जीता मारता हूं,

तू कभी हाथों में मेरे सब्जी की टोकरी थमा देती है,

मटर,आलू छीलने को जब प्यार से कहती है,

हाय..मैं वो सब कर जाता हूं

जो तू चाहती है।

क्यूं कि मैं तुझे चाहता हूं,

तेरा प्यार मुझे सच्चा लगता है अपना लगता है।

तेरा मेरे पास बैठ के मौसम की बात करना,

घंटों खामोशी में आसमान को तकना,

ये जीवन ऐसा ही रहेगा ये अक्सर कहना,

दर्द को सहकर होंठों में हंसी लाना,

आंखों में आंसुओं को मासूमियत से छुपाना,

मुझे सच्चा लगता है,

दिल को बहुत अच्छा लगता है।

तेरे बिना क्या है इस जीवन में मेरे,

कुछ भी नहीं, कुछ संभव नहीं।



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