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Deepali Mathane

Abstract

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Deepali Mathane

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प्रेम लिखना सिखाता है

प्रेम लिखना सिखाता है

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प्रेम एक ऐसी अनुभूती जो सैलाब कोमल भावनाओं का

उमड़ती रहती निरंतर मन में ऐसी मनोकामनाओं का


प्रेम हर रिश्ते की धरोहर सह जाती हर दुःख का खेल

प्रेम से ही पा गये राधाकृष्ण परम् सुख का निर्मल मेल


प्रेम की परिभाषा ऐसी सुख बाँटना ही सिखलाती है

विना मोह के अपने प्रेमी को बस प्रसन्न देखना चाहती है


प्रेम लिखना सिखाता है प्रेम से माफी माँगना सिखलाता है

प्रेम रस का अम्रुत पान करें जो उसमें अहम् न कभी झलकाता है।


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