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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

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प्रेम और आत्मा

प्रेम और आत्मा

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प्रेम

और

आत्मा

दोनों

एक

ही है

या यूं

कहें 

प्रेम

और

आत्मा में

अधिकाधिक

समानताएं है

प्रेम

अमूर्त है

और

आत्मा भी

अमूर्त है

प्रेम

अनदेखा

शाश्वत

सत्य है

और

आत्मा

भी

अनदेखा

शाश्वत

सत्य

प्रेम

और

आत्मा में

किंचितमात्र

अंतर है

यह

दोनों

का

निवास

स्थान

शरीर है

शरीर से

प्रेम

निकल

जाने पर

शरीर

जिंदा लाश

हो

जाता है

और

आत्मा जब

शरीर से

निकलती है

तो

शरीर 

मृत

लाश

हो

जाता है।


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