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Suraj Sharma

Abstract Inspirational

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Suraj Sharma

Abstract Inspirational

तो आप फिर जिंदा हैं

तो आप फिर जिंदा हैं

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देख दूसरों को दुखी 

दिल अगर आपका दुखता है, 

तो आप जिंदा हैं। 


अश्रुधारा अविरल बहती देख 

अगर कलेजा आपका पसीजता है, 

तो आप जिंदा हैं। 


बहिन-बेटी की इज्जत पर 

आती देख आंच, 

अगर खून आपका खोलता है,

तो आप जिंदा हैं।


किसी भूख-प्यासे को देख

अगर तरस आपको आता है,

तो आप जिंदा हैं।


व्यर्थ जाते देख किसी संसाधन को

अगर मन आपका उसे बचाने को करता है,

तो आप जिंदा हैं।


आता देख संकट किसी पर

अगर आपकी अंतरात्मा उसे 

सतर्क करने को कहती है, 

तो भी आप जिंदा हैं। 


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