प्रेम क्या है??
प्रेम क्या है??
कभी प्रेम एहसास है,प्यास है तो कभी प्यार है,
कभी प्रेम हमसफ़र है,मेहर है कभी प्रेम वात्सल्य है,
हरेक का प्रेम जताने का अलग-अलग माध्यम है।।
प्रेम पावन है,मनभावन है और आपसी समागम है,
प्रेम तर्पण है,अर्पण है और दिलों का पारदर्शी दर्पण है,
प्रेम निस्वार्थ है,पवित्र जैसे परमार्थ है व
जान निसार है।।
प्रेम इतिहास है,परिवार है और प्रेम से ही पहचान है,
प्रेम व्यवहार है,निर्वाह है और प्रेम रिश्तों का पर्याय है,
प्रेम से जो जीना चाहे उसके लिए इंसानियत ही संसार है।
