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Vinay Panda

Drama

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Vinay Panda

Drama

परायी-पीर

परायी-पीर

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परायी-पीर

बहे नजरों से नीर

दिल चीरकर जब से परायी हुई !


बचपन साथ खेला जिसके

सुख-दुःख में जिनके साथी बनें


जब तलक जी में आया , प्यार निभाया उसनें

देखो , छोड़कर आज वह दिल से परायी हुई !


तनिक नहीं सोची मेरा क्या होगा !


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