STORYMIRROR

सोनी गुप्ता

Inspirational

4  

सोनी गुप्ता

Inspirational

पंचतत्व

पंचतत्व

1 min
276

पंचतत्व को समझो 

और सम्मान करो, 

इसी से बनी है हमारी देह ,

इसका ना अपमान करो ,

पवन ,अग्नि, जल, 

भूमि ,आकाश, 

मानव शरीर का 

इन पंचतत्वों से नाता है, 

मरणोपरांत यह प्रकृति में

विलीन हो जाता है, 

यह पंचतत्व मिलकर

रचते सृष्टि अपरंपार है, 

इसी पर टिका है जीवन, 

यह जीवन का आधार है I


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational