Dr. Anu Somayajula
Tragedy
पंच तत्वों से बनी यह पृथ्वी
खो रही है-
रूप, रस, गंध;
बस एक ही शब्द
‘हाहाकार’
पल रहा अंतस में।
छूट रहा है अब मातृत्व का
प्रेम पगा स्पर्श भी!
कैसे कहें-
“धीर धरो मां”
हम ही ने तो इसे छला है।
नदी की व्यथा
किताबें
जिस पर हम वार...
पैसा उग पाता ...
पैसों का पेड़
कीमियागर
कट्टी - बट्टी...
जीवन का गणित ...
चांद और ज़िंद...
दहलीज़
मत आना लाडो इस आंगन में। मत आना लाडो इस आंगन में।
तुमने जगत जननी नारी को निर्वस्त्र दिखाया है। तुमने जगत जननी नारी को निर्वस्त्र दिखाया है।
लगता है सियासत से पक्की यारी हो गयी। लगता है सियासत से पक्की यारी हो गयी।
दीये तले अंधेरे को दूर करना है बनना तुझे रोशनी का कलंदर है। दीये तले अंधेरे को दूर करना है बनना तुझे रोशनी का कलंदर है।
जहां तक पड़ रही थी निगाहें, धुआं ही धुआं था फैला। जहां तक पड़ रही थी निगाहें, धुआं ही धुआं था फैला।
बिन भ्रम असली पहचान ही लेगी, मधुमक्खी और प्यारी सी तितली। बिन भ्रम असली पहचान ही लेगी, मधुमक्खी और प्यारी सी तितली।
लिखो आज तुम कुछ उन मजदूरों के नाम ! लिखो आज तुम कुछ उन मजदूरों के नाम !
धक्का देकर आज भगाया, जानवर ही ठीक था मजदूर क्यों बनाया। धक्का देकर आज भगाया, जानवर ही ठीक था मजदूर क्यों बनाया।
अच्छे काम का भी होता है नशा उसका शौक पालो वही करो नशा। अच्छे काम का भी होता है नशा उसका शौक पालो वही करो नशा।
आज फिर से हम से मैं और तुम बन गए। आज फिर से हम से मैं और तुम बन गए।
बस देना हमें अपने प्यार और अथाह संयम की सीख। बस देना हमें अपने प्यार और अथाह संयम की सीख।
बेचैनियों का उन्माद बढ़ने लगा है, अधूरापन जीवन में भरने लगा है। बेचैनियों का उन्माद बढ़ने लगा है, अधूरापन जीवन में भरने लगा है।
सदा के लिए समाप्त हुआ तो मैं कभी ना आऊँगा। सदा के लिए समाप्त हुआ तो मैं कभी ना आऊँगा।
मर्यादा पुरुषोत्तम थे रघुवर, पर नारी को अग्नि कसौटी तोला! मर्यादा पुरुषोत्तम थे रघुवर, पर नारी को अग्नि कसौटी तोला!
मेरा बोझा उठाने का दम भर, जेबें अपनी भर जायें मेरा बोझा उठाने का दम भर, जेबें अपनी भर जायें
अपनी अच्छी आदतों व कर्मो से, आदमी रोशन करता खानदान है। अपनी अच्छी आदतों व कर्मो से, आदमी रोशन करता खानदान है।
कोरोना के कहरों से हमें यूँ लगने लगा, कि फिर कोई "रासायनिक युद्ध " सिरिया में होने कोरोना के कहरों से हमें यूँ लगने लगा, कि फिर कोई "रासायनिक युद्ध " स...
करोना के चक्कर में स्कूल भी बंद है, करोना के चक्कर में स्कूल भी बंद है,
ये सब दुकानदार अब नहींं दिखते जो सड़कों पर चलते फिरते थे ! ये सब दुकानदार अब नहींं दिखते जो सड़कों पर चलते फिरते थे !