STORYMIRROR

Antariksha Saha

Romance Tragedy Inspirational

4  

Antariksha Saha

Romance Tragedy Inspirational

पिया

पिया

1 min
313

अल्फाज़ कब जस्बात बन गए पता ना चला

तेरे साथ रहते रहते कब प्यार हो गया पता ना चला


ख्वाब कब हक़ीक़त बन गई पता ना चला

कब बारिश की बूदएं दिल को भीगा कर गई पता ना चला


मुर्शिदी करते करते कब परम सत्य के दर्शन हो गए

दुआएं पता ना चला कब कबूल हो गई।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance