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Manju Rani

Inspirational

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Manju Rani

Inspirational

पिता

पिता

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पिता वो है जो

महसूस न होने दे दर्द के कतरे

और अश्रु अपने सुत-सुताओं के पी जाएं।


पथरीली राह पर मखमल बिछा

नुकीले पत्थरों की चुभन 

मुस्कुुुराते हुए सह जाएं। 


कितने भी तुफान आएं

अपने पितृृृृत्व भाव से

उनकी नैया निकाल ले जाएं ।


उनकी जननी को सम्मान दे

उन के हृदय में

ईश्वर- से स्थापित हो जाएं ।


बस !बीज रोपित कर

पिता का फर्ज पूर्ण न करें,

बल्कि माली बन,

संघर्षमय जीवन में

फूल-सा खिलना सीखा जाएं।


अपने कर्मों द्वारा

पिता की सीख बन

उनके व्यक्तित्व पर अंकित हो जाएं।


अपने अहम को मार ,

अपने तनय-तनया के

कोमल अनुुुुराग को गर्वित कर जाएं।



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