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बोधन राम निषाद राज

Classics

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बोधन राम निषाद राज

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पिता भगवान है

पिता भगवान है

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पिता देव सम है जहां, करना इसका मान

नहीं वृद्ध आश्रम रहे, घर में हो सम्मान।।


जन्म दिया संसार में, पालन किया महान

पले बढ़े छाया मिले, देखे आज जहान।


ना कोई चिंता रहा, बचपन बीता जाय

पकड़ चले हम ऊँगली, कब तूफां टकराय।


खून पसीना सींच कर, देता जो औलाद

रखवाली करता वही, ना करना बरबाद।


रक्षा करना बाप की, कभी न जाना भूल

सदा नमन् कर तू चढ़ा, चरणों में दो फूल।


बोधन राम निषाद तू, मानो ये उपकार

करे गर्व तुम पर सभी, मिले पिता का प्यार।


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