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Vivek Gulati

Abstract Classics

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Vivek Gulati

Abstract Classics

पिकनिक

पिकनिक

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मिल जुल कर समय बिताना

मस्ती करना मौज उड़ाना

खाना पीना हंसना गाना

लगता है बीत गया वो ज़माना।


इंडिया गेट में आइसक्रीम खाना

दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलना

घास पर चादर बिछा भोजन करना

लगता है बीत गया वो ज़माना।


इंडिया गेट से बढ़खल का सफर

कॉलेज के दोस्त बने हमसफर

पिकनिक का अब जाना नया मायना

लगता है बीत गया वो ज़माना।


अब हैंग आउट करते कैफे व बार में

फैशन के साथ बदलते दोस्त हर माह में

कोरोना ने सिखाया वर्चुअल जाम टकराना

मुझे लौटा दो पिकनिक का वो ज़माना।


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