अच्युतं केशवं
Abstract
पिघले नहीं स्वत:निज जल में,
एसी कोई बर्फ नहीं है।
भले विषैला होले जितना,
मनुज मनुज है सर्प नहीं है।
तेरी गोदी एक चरण धर,
मैं वामन से विष्णु बन गया।
तेरे सम्मुख झुक न सकूं जो,
इतना मुझमें दर्प नहीं है।
मन आस तारा
सहज तुमने अपन...
कल लुटेरे थे ...
धूम्रपान कर ब...
छिपा हृदय निज...
उर सहयोगी भाव
भट्टी सी धरती...
अलग हो रूप रं...
आला वाले डॉक्...
भारोत्तोलन खे...
गौरव ताज हमारा सबका सम्मान है। गौरव ताज हमारा सबका सम्मान है।
क्यों अपनी इच्छा को मारूं वो पुरानी कार को बेच न्यू कार ले आया क्यों अपनी इच्छा को मारूं वो पुरानी कार को बेच न्यू कार ले आया
श्रुति-सुधा वितरण कारी भारी सहलाए दिल की छोर।। श्रुति-सुधा वितरण कारी भारी सहलाए दिल की छोर।।
एक ही जिंदगी चाहिए जीने के लिये लेक़िन जोड़ कर कई टुकड़ों को जिंदगी बनाया मैंने। एक ही जिंदगी चाहिए जीने के लिये लेक़िन जोड़ कर कई टुकड़ों को जिंदगी बनाया ...
संवाद की भाषा है। हिंदी का साथ। संवाद की भाषा है। हिंदी का साथ।
यौवन का रंग चढ़ा, गाड़ी तेज भगायी शादी के बाद घर की जिम्मेदारी आयी यौवन का रंग चढ़ा, गाड़ी तेज भगायी शादी के बाद घर की जिम्मेदारी आयी
भ्रम को पाले बैठे हो, गए हो मन से हार भ्रम को पाले बैठे हो, गए हो मन से हार
चाहे जितना ज्ञान विज्ञान का जाल फैलाए या तंत्र मंत्र करे और पूजा पाठ में रम जाए। चाहे जितना ज्ञान विज्ञान का जाल फैलाए या तंत्र मंत्र करे और पूजा पाठ में रम ज...
उनके साथ पल दो पल बिताने मिल जाते उनके साथ पल दो पल बिताने मिल जाते
जिंदगी के किसी हिस्से में आपका अधिकार नहीं है जिंदगी के किसी हिस्से में आपका अधिकार नहीं है
बच्चों की खातिर ही जीती हर तकलीफ़ सह जाती है, बच्चों की खातिर ही जीती हर तकलीफ़ सह जाती है,
एक गुजारिश आप सबसे है शायद आपके लिए मुश्किल भी है। एक गुजारिश आप सबसे है शायद आपके लिए मुश्किल भी है।
हम जिंदगी को कुछ यूं सँवारते हैं। सौम्यता को पहनकर अपनी भव्यता निखारते हैं। हम जिंदगी को कुछ यूं सँवारते हैं। सौम्यता को पहनकर अपनी भव्यता निखारते हैं।
आंखों में आंसू और दिल में खुशी को एकसाथ उतरते देखा है ... आंखों में आंसू और दिल में खुशी को एकसाथ उतरते देखा है ...
वेदांत योग साधना का मतलब दुनिया को समझा दिया। वेदांत योग साधना का मतलब दुनिया को समझा दिया।
बहुत धुंधली नहीं फिर भी आसमां धुंध के ठीक पीछे रोशनी की कारवाँ बहुत धुंधली नहीं फिर भी आसमां धुंध के ठीक पीछे रोशनी की कारवाँ
प्रगति की राह में रोड़े खड़ा कर सकता है। प्रगति की राह में रोड़े खड़ा कर सकता है।
राधा कृष्ण के परिशुद्ध प्रेम की परिभाषा है हिंदी. राधा कृष्ण के परिशुद्ध प्रेम की परिभाषा है हिंदी.
कमी पूछने पे अगला तुम पे बरस पड़े समझना क्योंकि समझने की जरूरत पड़े। कमी पूछने पे अगला तुम पे बरस पड़े समझना क्योंकि समझने की जरूरत पड़े।
सर्व मंगल की कल्पना। सर्व मंगल का भाव। सर्व मंगल की कल्पना। सर्व मंगल का भाव।