अच्युतं केशवं
Abstract
पिघले नहीं स्वत:निज जल में,
एसी कोई बर्फ नहीं है।
भले विषैला होले जितना,
मनुज मनुज है सर्प नहीं है।
तेरी गोदी एक चरण धर,
मैं वामन से विष्णु बन गया।
तेरे सम्मुख झुक न सकूं जो,
इतना मुझमें दर्प नहीं है।
मन आस तारा
सहज तुमने अपन...
कल लुटेरे थे ...
धूम्रपान कर ब...
छिपा हृदय निज...
उर सहयोगी भाव
भट्टी सी धरती...
अलग हो रूप रं...
आला वाले डॉक्...
भारोत्तोलन खे...
समय पर समय नहीं कभी निश्चित होगा। समय पर समय नहीं कभी निश्चित होगा।
तू मिल जाए फिर तो मौत से भी क्या डरना। तू मिल जाए फिर तो मौत से भी क्या डरना।
बिकता है इंसान बाजार में, और संस्कृति है कगार पर।। बिकता है इंसान बाजार में, और संस्कृति है कगार पर।।
तुम्हारा हमसे शास्त्र भी है शस्त्र भी है एक दम आधुनिक। तुम्हारा हमसे शास्त्र भी है शस्त्र भी है एक दम आधुनिक।
खुशियों का सबकी राज अलग होता है। खुश रहने का सबका अंदाज अलग होता है। खुशियों का सबकी राज अलग होता है। खुश रहने का सबका अंदाज अलग होता है।
बागों में नव कोंपलें खिली, पीली सरसों झरने लगी, बागों में नव कोंपलें खिली, पीली सरसों झरने लगी,
जय जय जय सदुगुण वैभवशालिनी त्रिभुवन करें हुँकार। जय जय जय सदुगुण वैभवशालिनी त्रिभुवन करें हुँकार।
माॅं शारदे तुझे मनाऊं मैं, वो भाव कहां से लाऊं मैं। माॅं शारदे तुझे मनाऊं मैं, वो भाव कहां से लाऊं मैं।
बहुत कम लोग होंगे जो प्रसन्न होंगे बेटी के पैदा होने पर बहुत कम लोग होंगे जो प्रसन्न होंगे बेटी के पैदा होने पर
गुलिस्तां में एक, आशियाना देखने जो लगा। हार्दिक अपना वहाँ, घर नया हैं तेरा बनाना। गुलिस्तां में एक, आशियाना देखने जो लगा। हार्दिक अपना वहाँ, घर नया हैं तेरा ब...
जीवन का यह बसंत राजा नव कोपलों में नव कालिकाएँ खिलने लगी है मधुमास में। जीवन का यह बसंत राजा नव कोपलों में नव कालिकाएँ खिलने लगी है मधुमास में।
हे महाकाली शिवे शाधिके.. रानी नारायणी राधिके.....! हे महाकाली शिवे शाधिके.. रानी नारायणी राधिके.....!
ए मेरी मां... तू ही मेरी मंज़िल है मां। ए मेरी मां... तू ही मेरी मंज़िल है मां।
वर्षोंपरांत मन में छिड़ा आज कोई द्वन्द है रूह होकर भी पास मेरे से बहुत तंग है वर्षोंपरांत मन में छिड़ा आज कोई द्वन्द है रूह होकर भी पास मेरे से बहुत तंग ह...
सिखाने वाले बहुत सीखता रोज नई लेकिन लगता बामन कुछ भी जानता नहीं।। सिखाने वाले बहुत सीखता रोज नई लेकिन लगता बामन कुछ भी जानता नहीं।।
आते हो सपने मे मेरे तुम कभी हक़ीक़त मे भी आ जाया करो.. आते हो सपने मे मेरे तुम कभी हक़ीक़त मे भी आ जाया करो..
श्रृंगार तो बस एक आभूषण समान है। श्रृंगार नहीं कोई सुंदरता की पहचान है। श्रृंगार तो बस एक आभूषण समान है। श्रृंगार नहीं कोई सुंदरता की पहचान है।
नए रंग के साथ मधुमास भाए रही शायद बसंत ए बहार आ गई। नए रंग के साथ मधुमास भाए रही शायद बसंत ए बहार आ गई।
यह हमारा अनमोल जीवन बिना मोल ना हो जाए , तेरा मेरा करते करते कुछ अपना ना हो पाए यह हमारा अनमोल जीवन बिना मोल ना हो जाए , तेरा मेरा करते करते कुछ अपना ना हो प...
मेरा सम्मान, मेरा संसार, तू ही है मेरी लाड़ली।। मेरा सम्मान, मेरा संसार, तू ही है मेरी लाड़ली।।