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Ashish mishra

Tragedy

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Ashish mishra

Tragedy

फिर भी मैं पराई हूँ

फिर भी मैं पराई हूँ

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लड़कों की तरह मैं भी माँ की कोख से आई हूँ

सितम तो देखो दुनिया का, फिर भी मैं पराई हूँ।


मुझे भी आँखें खोलने में 9 महीने का वक़्त लगा है

मेरे लिए भी तो माँ ने तुम्हारे जितना ही दर्द सहा है।


आज वज़ूद है कल बोलोगे मैं किसी की परछाई हूँ

मैं कुछ भी कर लूँ सब की ख़ातिर, मगर मैं पराई हूं।


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