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Vijay Kumar parashar "साखी"

Abstract Tragedy Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Abstract Tragedy Inspirational

पौधारोपण अभियान

पौधारोपण अभियान

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चल रहा है, आजकल पौधारोपण अभियान

सरकार भी बड़ी गम्भीरता से ले रही है, संज्ञान

लक्ष्य मिला है, सबको पहाड़ के जैसा श्रीमान

जैसे कुछ दिनों में हराभरा कर देंगे राजस्थान


पौधे लगाओ साथ में जिओ टैगिंग करते जाओ

न तो व्यर्थ होगा, आपका पौधारोपण अभियान

आज तो पौधे भी सोच रहे होंगे, ये क्या हो गया,

आज तो बहुत ही मेहरबान है, हम पर, ये इंसान 


आज पौधा भी बोलना चाहता है, सुनो इंसान

में भी सजीव हूं, मुझमें भी ईश्वर ने दिए, प्राण

जैसे एकदिन में बड़े न हो सकते बच्चे, इंसान

वैसे में कैसे बड़ा होऊंगा, सुनो मैं नही बेजुबान


मुझे भी परवरिश चाहिए, जैसे होती इन्सान

एकबार मेरी परवरिश तो करके देखो, श्रीमान

मरकर भी करूंगा हे मानव में तेरा कल्याण

बस तुम थोड़ा बड़ा होने तक रखो मेरा ध्यान


सुनो एक साथ इतने पौधे लगाने से अच्छा

कुछ को लगा रखो हमारा पूरी तरह से ध्यान

सच कह रहा हूं, में पौधा हूं, नही मैं कोई इंसान

ताउम्र निःस्वार्थ सेवा करूंगा, ले लो चाहे जान।


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