STORYMIRROR

Shah Talib Ahmed

Romance

2  

Shah Talib Ahmed

Romance

ऑफिस वाला क्रश 1

ऑफिस वाला क्रश 1

1 min
223

मैं सिर्फ तेरा हूँ,

मुझे यूँ नीलाम न कर।

गर तेरे दीदार का तालिब हूँ

तो ये बात सखियों में

आम न कर।


बुरा तो नहीं लगा जब

आज मैं नज़र नहीं आया।

क्या जवाब दिया सहेलियों को।

आज नहीं दिखा, 

लगता है वो आज नहीं आया।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance