STORYMIRROR

Shah Talib Ahmed

Romance

2  

Shah Talib Ahmed

Romance

महफ़िल में तेरी सादगी

महफ़िल में तेरी सादगी

1 min
220

हम महफ़िल में तेरी सादगी के ख़ातिर कुछ न बोलेगे।


पर तुम अपनी निगाहों का ख़याल रखना,

और अपनी ज़ुल्फो को संभाल रखना।


अपने पल्लू को सिर पे डाल रखना,

लबो पे ताले का जाल रखना।


कहीं तुम चूक गई तो महफ़िल में ये सब भी हमारे राज़ खोलेंगे,

हम तेरी सादगी के ख़ातिर कुछ न बोलेगे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance