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Shyam Kunvar Bharti

Inspirational

2.9  

Shyam Kunvar Bharti

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ओज कविता – वीरों की धरती भारत

ओज कविता – वीरों की धरती भारत

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वीरों की धरती भारत वीरों से कभी खाली न होगी

राष्ट्र पर प्राण करेंगे न्योछावर जननी सवाली न होगी

भ्रमजाल मायाजाल लोभ लालच मे कभी आएँगे नहीं

डर भय मोह ममता वस रन छोड़ कभी भागेंगे नहीं

जलती रहेगी मसाल देश भक्ति कभी खाली न होगी

तन जाये तोपे मिसाइल बंदुके वीरों डरना आता नहीं

रण ललकारे हिन्द की सेना पीठ दिखाना आता नहीं

राम कि धरती दुश्मन पर हो विजय दीवाली न होगी

कितना गिनाऊ वीरों की गाथा रामायण लिख जाएगी

लक्ष्मी राणा चौहान नाम लिखने कलम घिस जाएगी

अर्जुन भीम भिस्म वीरों धरती कभी खाली न होगी

फड़कती है भुजाए दुशमन की सुनकर ललकार सदा

जवाने हिन्द है शेरे हिन्द करते शेरों की हुंकार सदा

लूटा देंगे जान जमी पर क्यो फिजा मतवाली न होगी

एक दो नहीं सभी लाल करे बलिदान जननी भारत की

बहने भाई नारियाँ सिंदूर करे कुर्बान हो रक्षा भारत की

रक्त रंजीत हो करे सिंगार क्यो धरती लाली न होगी।   

 


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