STORYMIRROR

Akanksha Gupta (Vedantika)

Inspirational

3  

Akanksha Gupta (Vedantika)

Inspirational

नया संकल्प।

नया संकल्प।

1 min
350

नववर्ष पर नया संकल्प,

जिसको ना दोहराया जाए।

अपने मन की इच्छाओं से,

उसका भार उठाया जाए।


छोड़ बुरी संगत की दुनिया,

मन अपना बहलाया जाए।

काम भी अपने नाम भी अपने,

परचम फिर लहराया जाए।


हो दुनिया में नाम हमारा,

नही बुरा हो काम हमारा,

पुनर्जीवित हो दया धर्म,

ऐसा युग फिर लाया जाए।


नववर्ष पर नया संकल्प,

जिसको ना दोहराया जाए।

अपने मन की इच्छाओं से,

उसका भार उठाया जाए।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational