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Brijlala Rohanअन्वेषी

Romance

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Brijlala Rohanअन्वेषी

Romance

नववर्ष पर दस्तक

नववर्ष पर दस्तक

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नव वर्ष दस्तक दे रहा है दरवाजे पर,

कितना अच्छा होता !

यदि इस नववर्ष पे तुम भी,

मेरे दिल के दरवाजे पर दस्तक देकर 

हमेशा के लिए दस्तखत कर जाते!

कितना खूबसूरत वो पल होगा!

जिसमें ,हम साथ-साथ मिलकर नववर्ष के स्वागत करेंगे ।

कितना सुकून वाला वो नववर्ष होगा!

जिस वर्ष नववर्ष भी आएगा और साथ में तुम भी।

सच में वो वर्ष मेरे जीवन का सर्वश्रेष्ठ नववर्ष साबित होगा!

जिस वर्ष नववर्ष तुम भी आओगी!

मेरे जिदंगी में तो तुम जन्म- जन्मांतर तक आ गयी हो,

मेरी रूह में भी अंतिम साँस तक समायी हो।

बस आने वाले नववर्ष की तरह,

मेरी दुनिया में हमेशा के लिए आ जाओ तुम  !

मेरे दिल पे दस्तक देकर,

तूने तो हमेशा के लिए मेरी हर धड़कन पे दस्तखत कर दिया ही है!

ओ आसमां ! जल्दी से अब मेरी आशियां में हमेशा के लिए आकर ,

संग- संग मिलकर नववर्ष की तरह हम अपनी नई दुनिया बसाकर !

हर नववर्ष का संग में ही सुकून से रहकर स्वागत करें।।



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