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Sunil Kumar

Abstract

3  

Sunil Kumar

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नववर्ष अभिनंदन

नववर्ष अभिनंदन

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 सूरज की पहली किरण

 कर रही है धरती से मिलन 

 अभिनंदन है तुम्हारा नववर्ष।


 दूर हो रहा है अंतर्मन का तम

 पुलकित है धरती जगमग गगन

 अभिनंदन है तुम्हारा नववर्ष।


 हर समस्या का निकले अब हल

 मंगलमय हो आने वाला हर पल

 अभिनंदन है तुम्हारा नववर्ष।



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