“नव जीवन का गान करो”
“नव जीवन का गान करो”
नया गीत हो नई रागिनी
नव जीवन का गान करो
जो दुबके और पीड़ित हैं
उन सब का उत्थान करो
देखो उनकी
हालत देखो
जिनके तन
पर वस्त्र नहीं
ठिठुर रहे
बच्चों के संग
जीने का
कोई अस्त्र नहीं
उसकी दुआ लगेगी हमको
जब उसका समाधान करो
जो दुबके और पीड़ित हैं
उन सब का उत्थान करो
नया गीत हो नई रागिनी
नव जीवन का गान करो
जो दुबके और पीड़ित हैं
उन सब का उत्थान करो
हैं कुछ लोग
यहाँ भी ऐसे
दो वक्त भी
खाना दूभर है
बच्चे -जच्चे
सदा कुपोषित
जनसंख्या में
सबसे ऊपर हैं
उनको पोषित आहारों से
शक्ति उन्हें प्रदान करो
जो दुबके और पीड़ित हैं
उन सब का उत्थान करो
नया गीत हो नई रागिनी
नव जीवन का गान करो
जो दुबके और पीड़ित हैं
उन सब का उत्थान करो
मंहगाई डाइन
से जूझ के
उनकी उड़ान
कम करनी है
मिलकर खेतों
में काम करेंगे
सालों भर
फसल उगनी है
किसानों को भगवान समझ
उसका सदा सम्मान करो
जो दुबके और पीड़ित हैं
उन सब का उत्थान करो
नया गीत हो नई रागिनी
नव जीवन का गान करो
जो दुबके और पीड़ित हैं
उन सब का उत्थान करो
हर हाथों को
काम मिले
रोजगार सभी
को मिल जाए
विकास सभी का
हो जग में
कोई भी वंचित
न रह पाये
सुख ही सुख हो धरती पर
ऐसा कुछ तुम काम करो
जो दुबके और पीड़ित हैं
उन सब का उत्थान करो
नया गीत हो नई रागिनी
नव जीवन का गान करो
जो दुबके और पीड़ित हैं
उन सब का उत्थान करो
