STORYMIRROR

Hardik Mahajan Hardik

Drama Tragedy Inspirational

3  

Hardik Mahajan Hardik

Drama Tragedy Inspirational

नम्रता

नम्रता

1 min
222

दूसरों को नाराज़ होने

का आप अवसर कभी

नहीं दीजिये, यदि फिर 

भी वह आपसे नाराज़ हो,

तो उसे सही समय सही

उसका वक़्त आने 

पर अवसर दीजिये,

आप स्वयं नम्रता से 

बोलकर उसे नम्र कीजिये,

वह आपके लिए शर्मिंदा 

हो जाये, ऐसा उसे भी 

आप सही समय आने पर

उसका सही वक़्त का 

आप इंतज़ार कीजिये!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama