STORYMIRROR

Sonam Kewat

Abstract

4  

Sonam Kewat

Abstract

नमक

नमक

1 min
581

ना मिले तो खाना फिका सा लगता है,

मिले तो बड़ा ही स्वादिष्ट बनता है।

ब्लड प्रेशर इससे संभलकर रहना चाहिए,

कहते हैं हर घर इसे नहीं मांगना चाहिए।


यह आपके शरीर के अंदर भी है,

और आपके पसीने में भी शामिल है।

कारण कोई भी हो पर यह आपके,

आंसुओं में भी बहने के काबिल है।


खाने में ये जब भी गिरा तो

हर तरह से स्वाद बढ़ाया।

इसी के लिए तो इतिहास ने,

दांडी यात्रा का आंदोलन चलाया।


स्वाद तो बड़ा ही खारा है पर,

लोग काफी पसंद करते हैं,

अभी तक नहीं समझे तो बता दूँ,

इसे हम सब नमक कहते हैं।


घर घर में बसा है आखिर,

किसे इसका पता नहीं है।

याद रखो सिर्फ एक घाव है,

जहाँ कोई नमक लगाता नहीं है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract