kuleshwar Jaiswal
Fantasy
नजर नजर से नजर मिलाए lनजर नजर से नजर चुराए llनजर से आए नजर से जाए lनजर से नजर की प्यास बुझाए ll
सुवा गीत
दीनदयाल राम
नजर
प्रकृति का आभ...
मां
जीवन एक नदी
मेरा गांव
देख रहा हिंदु...
पर्यावरण सदा ही दूषित, प्रलय जताता सागर होगा। पर्यावरण सदा ही दूषित, प्रलय जताता सागर होगा।
पहाड़ों की लोकप्रियता इसमें चार चाँद लगाती है. पहाड़ों की लोकप्रियता इसमें चार चाँद लगाती है.
सपनों की गहराई को अगर हमने नाप लिया कभी। सपनों की गहराई को अगर हमने नाप लिया कभी।
आर्य समाज का दुनिया भर में आ परचम लहराया है आर्य समाज का दुनिया भर में आ परचम लहराया है
अपने अच्छे व्यवहार से ससुराल और पीहर को जोड़ सकती है ll अपने अच्छे व्यवहार से ससुराल और पीहर को जोड़ सकती है ll
लेकिन मिल मधुशाला जाते। और एक प्याला में पीते।। लेकिन मिल मधुशाला जाते। और एक प्याला में पीते।।
देखते मनोरंजन के इंतज़ाम सभी हाथ से मौक़ा न जाने देते कभी देखते मनोरंजन के इंतज़ाम सभी हाथ से मौक़ा न जाने देते कभी
उसको ख़बर ना तनिक भी इसकी सता रही है बस विरह तन मन की. उसको ख़बर ना तनिक भी इसकी सता रही है बस विरह तन मन की.
मुरली मनोहर मुरली वाले, अपनी बंसी मधुर बजा रहे, मुरली मनोहर मुरली वाले, अपनी बंसी मधुर बजा रहे,
मैं तो ज़ब शादी के बाद मायके आऊंगी तो बहुत दिन तक यही रहूंगी। मैं तो ज़ब शादी के बाद मायके आऊंगी तो बहुत दिन तक यही रहूंगी।
दुनियादारी सोचकर मैंने, खुद को खूब समेटा आज अरमानों को पाने का जी चाहता है। दुनियादारी सोचकर मैंने, खुद को खूब समेटा आज अरमानों को पाने का जी चाह...
प्रेम एक अव्यक्त भावना हृदय की, हिय हर्षित हो, देख झलक प्रिय की प्रेम एक अव्यक्त भावना हृदय की, हिय हर्षित हो, देख झलक प्रिय की
सुसंगत है दवा ऐसी, जो काम हमारे तन मन में संजीवनी का कर जाए सुसंगत है दवा ऐसी, जो काम हमारे तन मन में संजीवनी का कर जाए
तुम भला क्या पाओगे मूर्ख से मुँह लड़ाकर तुम भला क्या पाओगे मूर्ख से मुँह लड़ाकर
ना हिम्मत ही करते हैं कल को कुछ देने की ना हिम्मत ही करते हैं कल को कुछ देने की
फुर्सत के उन लम्हों में अपने जीवनसाथी का साथ होगा; फुर्सत के उन लम्हों में अपने जीवनसाथी का साथ होगा;
वह होती जिस्म से नाज़ुक और अदाएं होती दिलकश। वह होती जिस्म से नाज़ुक और अदाएं होती दिलकश।
पहली बारिश की गिरती बूंदें धधकती धरती पर। पहली बारिश की गिरती बूंदें धधकती धरती पर।
इस दुनिया में अकेले ही। सब आएं है तो क्या हुआ। इस दुनिया में अकेले ही। सब आएं है तो क्या हुआ।
औरत की हर सोच, हर कदम, होशियारी की प्रतीक है।। औरत की हर सोच, हर कदम, होशियारी की प्रतीक है।।