kuleshwar Jaiswal
Fantasy
नजर नजर से नजर मिलाए lनजर नजर से नजर चुराए llनजर से आए नजर से जाए lनजर से नजर की प्यास बुझाए ll
सुवा गीत
दीनदयाल राम
नजर
प्रकृति का आभ...
मां
जीवन एक नदी
मेरा गांव
देख रहा हिंदु...
तब ये दुनिया भी कितनी हसीन और खूबसूरत हो जाएगी। तब ये दुनिया भी कितनी हसीन और खूबसूरत हो जाएगी।
मेरे राज़ पोशीदा रखना मेरे राज़ पोशीदा रखना
सूरज फिर समुन्दर के उस पार सूरज फिर समुन्दर के उस पार
जोश की चिंगारी लगा दूँ । आह की लपटे बुझवा दूँ । शार्क से पहरा लगवा दूँ । जोश की चिंगारी लगा दूँ । आह की लपटे बुझवा दूँ । शार्क से पहरा लगवा दूँ ।
क्या यादों में तारों को गिना जाते हैं क्या यादों में तारों को गिना जाते हैं
जिनका इश्क परमान चढ़ा हो उन दिलों को कभी जुदा न करें। जिनका इश्क परमान चढ़ा हो उन दिलों को कभी जुदा न करें।
पिंजरे में एक तोता मेरा, पूछा उससे तू क्या कहता, बोला नीले आसमान में, उड़ान मैं भी भरना चाहता| पिंजर... पिंजरे में एक तोता मेरा, पूछा उससे तू क्या कहता, बोला नीले आसमान में, उड़ान मैं भ...
हिन्द के रहने वालों आओ सब मिल कर हिन्दुतान हो जाएं। हिन्द के रहने वालों आओ सब मिल कर हिन्दुतान हो जाएं।
सारी रात यों ही हंसते गाते बीत गई आंख खुली जो सुबह को मेरी तुम मुझको कहीं दिखी नहीं सारी रात यों ही हंसते गाते बीत गई आंख खुली जो सुबह को मेरी तुम मुझको कहीं...
दिल में न रहे आह जिन्दगी तुझे जी भर जी लूँ। दिल में न रहे आह जिन्दगी तुझे जी भर जी लूँ।
मंगल ग्रह पर मैं पहुंचा तो पहाड़ सारे लाल थे ऐसे करते करते मुझको बीत गए कई साल थे। मंगल ग्रह पर मैं पहुंचा तो पहाड़ सारे लाल थे ऐसे करते करते मुझको बीत गए कई सा...
इस हरियाली के बीच और राह ही न मिले बाहर तक जाने की। इस हरियाली के बीच और राह ही न मिले बाहर तक जाने की।
हर उस धागे सा लिपट के बुने सपनों सा होता जहान। हर उस धागे सा लिपट के बुने सपनों सा होता जहान।
हाँ मगर जहाँ भी रहूं मैं मेरे अपनों को नहीं भूल पाऊँगा हाँ मैं एक दिन मर जाऊँगा। हाँ मगर जहाँ भी रहूं मैं मेरे अपनों को नहीं भूल पाऊँगा हाँ मैं एक दिन मर जाऊँ...
एक दानव ऐसा आया उसने देवी को ही मोहरा बनाया, कभी जुल्मी बाप बन उसे गर्भ में ही मरवाया। एक दानव ऐसा आया उसने देवी को ही मोहरा बनाया, कभी जुल्मी बाप बन उसे गर्भ में ह...
ऐसा संगदिल हसीं हो मेरा हमसफ़र। ऐसा संगदिल हसीं हो मेरा हमसफ़र।
चंद्रमा का यूँ ओझल हो जाना चंद्रमा का यूँ ओझल हो जाना
और मरने के बाद भी अपनी कविता से पहचाना जाऊँ। और मरने के बाद भी अपनी कविता से पहचाना जाऊँ।
सच लिख सके जो अब सदा ऐसा नया अखबार हो। सच लिख सके जो अब सदा ऐसा नया अखबार हो।
मेरी गुड़िया कभी न रोती हरदम वो हस्ती ही रहती, टुकुर-टुकुर वो देखे सबको मेरी गुड़िया कभी न रोती हरदम वो हस्ती ही रहती, टुकुर-टुकुर वो देखे सबको