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संदीप सिंधवाल

Abstract

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संदीप सिंधवाल

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निरंतरता और गहराई

निरंतरता और गहराई

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वो खारा पानी ?

लहराता समुद्र गहरा तो

बहुत है विशाल भी

पर मीठा पानी नदी का 


लहराता नहीं है बस बहता है

तो नदी निरंतरता है 

समुद्र गहराई है 

और एक दिन 


निरंतरता को गहराई में

समा जाना है। 


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