STORYMIRROR

संदीप सिंधवाल

Abstract

3  

संदीप सिंधवाल

Abstract

निरंतरता और गहराई

निरंतरता और गहराई

1 min
331

वो खारा पानी ?

लहराता समुद्र गहरा तो

बहुत है विशाल भी

पर मीठा पानी नदी का 


लहराता नहीं है बस बहता है

तो नदी निरंतरता है 

समुद्र गहराई है 

और एक दिन 


निरंतरता को गहराई में

समा जाना है। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract