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Sachin Gupta

Inspirational

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Sachin Gupta

Inspirational

नई शुरुआत, नए है आप

नई शुरुआत, नए है आप

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मधुर – मधुर मुस्कान है

मधुर – मधुर हैं आप

चलो करते हैं हम

नई शुरुआत।


नया – नया दौर है

नई - नई मुलाकात है

ताजी – ताजी सुबह है

मीठी - मीठी चाय है

पीना जरूर साथ है

चलो मिल कर लेते है दो बात

चलो करते हैं हम

नई शुरुआत।


वो वक्त जो बीत गया

आएगा ना अब वो गुजरा कल

आएगा ना अब वो यौवन का प्यार

चलो करते हैं हम

नई शुरुआत।


अब हम भी जी चुके हैं

अब तुम भी जी चुके हो

जवानी मेरी भी ढल गई

जवानी तुम्हारी भी ढल गई

अब इस दौर में न तेरा कोई

न मेरा कोई

चलो करते हैं हम

नई शुरुआत।


जी तो बहुत हम लिए

जी तुम भी बहुत लिए

अब मरने का वक्त तय होना है

न कोई पास तेरा है

न कोई पास मेरा है

इस अधेड़ उम्र में

तुम्हें भी घर से किसी ने निकाला है

मुझे भी घर से अपनों ने निकाला है

अब दर्द बाँटें तो किससे

हम ही खुद को दिए सहारा है

फिर काहे का गम हमारा है

फिर काहे का गम तुम्हारा है

चलो करते हैं हम

नई शुरुआत।


अब खुश हूँ मैं

कोई न गम है

मुझे कहने में कोई न शर्म है

क्यूँकि ?

शायद मेरे परवरिश में कोई कमी थी

तेरा तो मुझे पता नहीं

कह कर मुझसे अपना गम

तुम दर्द बाँट लो

कल का अब बचा है क्या

नई दोस्ती के साथ

नए ख्यालों के साथ

कुछ दुख – दर्द के साथ

चलो करते हैं हम

नई शुरुआत।





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