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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama

नेग

नेग

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शुभ काम मे वो काम आता है

बिना बोले ही सौगात पाता है

नाम है इसका नेग,


हर जगह ये तो खुश्बू फैलाता है

थोड़ी नोकझोंक,थोड़ी हंसी

हर वक्त लबो पर हंसी लाता है


बड़ा काम का है ये नेग,

पैसे तो सिर्फ़ बहाना है

ये पैसे से नही,

प्यार से खरीदा जाता है


वो खुदा भी 

हम इंसानों को न जाने,

हर खुशी, हर गम में,

ये नेग ही नेक कहलाता है।


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