अनामिका वैश्य आईना Anamika Vaish Aina
Abstract Children Stories Comedy
सिंधू से मिलने चली, लता-चंद्र श्रृंगार।
सिर तारों के ओढ़नी, दुल्हन सी तैयार।।
माँ मान नदी पूजते, करते हम आभार।
अविरल बहती ही रहे, मृदु-पाक जलधार।।
अपनी ही धुन में रहे, चले शेरनी चाल।
कभी शांत हो भाव से, कभी रूप विकराल।।
बसंत ऋतु
देश भक्ति गीत
आंखों में बसे...
बिजली सी गिर ...
बहुरूपिया
माँ - मुक्तक
गीत अधूरा
डगर
मैं हिन्दी हू...
हिन्दी पर हाइ...
पतझड़ में झड़ गए पत्ते सारे सूखी शाख पर लगी है आग। पतझड़ में झड़ गए पत्ते सारे सूखी शाख पर लगी है आग।
अयोध्या लोटे सीता और दोनो भाई, ऐसा आनंद था छाया, मंगल गीत और ढोल नगाड़े , उत्सव था जैस अयोध्या लोटे सीता और दोनो भाई, ऐसा आनंद था छाया, मंगल गीत और ढोल नगाड़े , उत्...
ख़्वाबों की बैसाखी से ही यहाँ तक आ पाया हूँ वरना दुनिया ने तो पहले ही अपाहिज कर रखा था। ख़्वाबों की बैसाखी से ही यहाँ तक आ पाया हूँ वरना दुनिया ने तो पहले ही अपाहिज ...
गिली मिट्टी की खुशबू भी इस धरा से आती है अपने बच्चों को खुश देखकर भारत माता मुस्काती है गिली मिट्टी की खुशबू भी इस धरा से आती है अपने बच्चों को खुश देखकर भारत माता मुस...
अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्रियां ? अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्र...
लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते। लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कु...
रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी पीठ थपथपाया रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी ...
क्या भूल गए आप हमारे लल्ला पे हुआ जो दानव प्रहार। क्या भूल गए आप हमारे लल्ला पे हुआ जो दानव प्रहार।
गुलामी की बेड़ियों को हमने कई वर्षों तक सहा है, क्या होती गुलामी लंबे समय तक महसूस किय गुलामी की बेड़ियों को हमने कई वर्षों तक सहा है, क्या होती गुलामी लंबे समय तक ...
सूरज की किरणों से आज, स्वयं नग्न जल जाऊं मैं सूरज की किरणों से आज, स्वयं नग्न जल जाऊं मैं
हल्दीघाटी पावन धाम पे हर कोई शीश नवाता है हल्दीघाटी पावन धाम पे हर कोई शीश नवाता है
उधम सिंह फोटो काटकर, जेब में ली सरका। राम मोहम्मद सिंह आजाद, बाजू पे खुनवा। उधम सिंह फोटो काटकर, जेब में ली सरका। राम मोहम्मद सिंह आजाद, बाजू पे खुनवा।
ममता कातर गाय दिखा गयी एक राह रथ के आगे खड़ी हो बता गयी थी चाह ममता कातर गाय दिखा गयी एक राह रथ के आगे खड़ी हो बता गयी थी चाह
पर यहाँ तुम्हारी ही तरह कई और लोग खड़े हैं पाषाण युग के तेज़ हथियार लिए उनमें और तुममे... पर यहाँ तुम्हारी ही तरह कई और लोग खड़े हैं पाषाण युग के तेज़ हथियार ल...
नारायण के भक्त अरु, गंगा के सुत वीर। कृपा आपनी कीजिए, प्रमुदित रहे शरीर।। नारायण के भक्त अरु, गंगा के सुत वीर। कृपा आपनी कीजिए, प्रमुदित रहे शरीर।।
शृंगार बालों का हुआ है, झूलती है चोटियाँ। चकले थिरक जाते खुशी से, बेलती जब बेटियाँ। शृंगार बालों का हुआ है, झूलती है चोटियाँ। चकले थिरक जाते खुशी से, बेलती जब बे...
जिन्हें जेलों में होने था, देश के ठेकेदार वो बन बैठे है जिन्हें जेलों में होने था, देश के ठेकेदार वो बन बैठे है
जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया । जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया ।
बूढ़ी मां... जिसने शायद कुछ सालों पहले खाना पकाना छोड़ दिया था वह पकवान बनाती है बूढ़ी मां... जिसने शायद कुछ सालों पहले खाना पकाना छोड़ दिया था वह पकवान बनाती है
ममता की प्रतिमूर्ति ऐसी, देवी छोटी पड़ जाती है, धरती पे माँ कहलाती है। ममता की प्रतिमूर्ति ऐसी, देवी छोटी पड़ जाती है, धरती पे माँ कहलाती है।