Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.
Hurry up! before its gone. Grab the BESTSELLERS now.

Praveen Gola

Romance


3  

Praveen Gola

Romance


नैनो की भाषा समझो ना

नैनो की भाषा समझो ना

1 min 27 1 min 27

नैनो की भाषा समझो ना ,

इन नैनो ने तुमको चाहा है ,

हर रात तुम्हारे आने का ,

इन में गहरा एक साया है।


तुझे देख तेरे मतवाले हुए ,

ये सारे के सारे तुम्हारे हुए ,

दिन रैन तेरी ही राह तकें ,

तेरे आने पे और दीवाने हुए।


जब नैनो से नैना उलझ गए ,

दिल के सब तार भी बज गए ,

एकटक निहार तब वक्त कटा ,

सपनों के द्वार भी खुल गए।


मूंद पलकों ने तुझे थाम लिया ,

अधरों ने बस तेरा नाम लिया ,

तेरे अधरों के उस चुम्बन से ,

ये खुल के और बिखर गए।


ये आज भी बातें करते हैं ,

ये जब - जब तुझ को तकते हैं ,

तुम दो ना इनका उत्तर फिर ,

तेरे उत्तर से ये पिघल गए।।



Rate this content
Log in

More hindi poem from Praveen Gola

Similar hindi poem from Romance