STORYMIRROR

Asmita prashant Pushpanjali

Inspirational

3  

Asmita prashant Pushpanjali

Inspirational

नारी

नारी

1 min
400


कल कल बहती नदी सी नारी

मिठे झरने सी नारी

बारिश की फुहार सी नारी

भड़की जो, ज्वालामुखी भी नारी।


शितल, मधुर, तरल सी नारी

अभेद चट्टानों सी नारी

कोमल, नाज़ुक सी नारी

जागा स्वाभीमान, तो विरांगना भी नारी।


रोती बिलगती सी नारी

हँसती खिलखिलाती सी नारी

शांत एकांत सी नारी

आगाज की ललकारी भी नारी।


तपती अगम सी नारी

तपाती अगन सी नारी

बुझती अगन सी नारी

शोलों सी धधकती चिंगारी भी नारी।


ममता की छांव सी नारी

बेटी के दुलार सी नारी

प्यारी प्रियंवदा सी नारी

प्रतिशोध की मुरत भी नारी



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational