Sanjaya Ananda Kumar Tripathy
Tragedy Inspirational
मैं ना समझ हूँ
सच बात कबूल करने को
मगर मजबूर भी हूँ
झूठा वादा करने के लिए।
कुछ समझ नहीं पाता हूँ
ये सब खेल में
ये खेल करने के लिए।
वक़्त ही ऐसा है
किसे इल्जाम दूँ
गम तो इस बात की
मैं क्यों तुझे तड़पा रहूं।
उम्मीद
ना समझ
अब नहीं
नदी हो तूम
ऐ जिंदगी, किस राह पर ले आयी है कहीं कांटे बिछे हैं, तो कहीं खायी है। ऐ जिंदगी, किस राह पर ले आयी है कहीं कांटे बिछे हैं, तो कहीं खायी है।
जब दरख्तों के जड़ों में दीमक के पहाड़ लग गए। जब दरख्तों के जड़ों में दीमक के पहाड़ लग गए।
वादे करके उम्र भर के जाने कहाँ खो गये। वादे करके उम्र भर के जाने कहाँ खो गये।
ये किसने जिद के पत्थर से, इक कलस वफ़ा का फोड़ दिया ये किसने जिद के पत्थर से, इक कलस वफ़ा का फोड़ दिया
पहाड़ों से पत्थर तोड़ लाए, औषधि बर्बाद हुई पहाड़ों से पत्थर तोड़ लाए, औषधि बर्बाद हुई
गुरुर कर सदा साखी अपनी सच्चाई पर, रश्मि है,सूर्य की,तू कोई बुझी चिंगारी नही। गुरुर कर सदा साखी अपनी सच्चाई पर, रश्मि है,सूर्य की,तू कोई बुझी चिंगारी नही।
दर्द अपने गुलिस्तां में बसंत का कोई मौसम नहीं होने देता दर्द अपने गुलिस्तां में बसंत का कोई मौसम नहीं होने देता
डर तो है, रिश्तों में भी । घूम रहें हैं , जो आस पास । बनावट का, मुखौटा लेकर। डर तो है, रिश्तों में भी । घूम रहें हैं , जो आस पास । बनावट का, म...
एक मुस्कान है मेरे मुंह पर, चाहे कितना भी रो ना लूँ ...।। एक मुस्कान है मेरे मुंह पर, चाहे कितना भी रो ना लूँ ...।।
हक़ीक़त की ज़मीं पर टूट कर बिखर गए। हमने सजाए थे मिल के वो सपने गुज़र गए। हक़ीक़त की ज़मीं पर टूट कर बिखर गए। हमने सजाए थे मिल के वो सपने गुज़र गए।
सोचो जरा! वो क्या दृश्य होता होगा जहाँ लड़कियाँ चीखती चिल्लाती होंगी। सोचो जरा! वो क्या दृश्य होता होगा जहाँ लड़कियाँ चीखती चिल्लाती होंगी।
जिसे मैं सुन पा रहा हूँ मगर देख नहीं पा रहा और गर देख पा रहा हूँ तो सुन नहीं पा रहा ! जिसे मैं सुन पा रहा हूँ मगर देख नहीं पा रहा और गर देख पा रहा हूँ तो सुन नहीं ...
किस फूल को चढ़ाएं माँ के चरणों में जब कली खिलने से पहले ही हमने मरोड़ा है! किस फूल को चढ़ाएं माँ के चरणों में जब कली खिलने से पहले ही हमने मरोड़ा है!
खिजां का फूल बनी जिंदगी हमारी फिर। सुकून छोड़ गया काम मयकदा आयी॥ खिजां का फूल बनी जिंदगी हमारी फिर। सुकून छोड़ गया काम मयकदा आयी॥
तुझको अपना सनम बस अपना सनम कहना है तुझको अपना सनम बस अपना सनम कहना है
आज का जमाना ऐसा है कि बच्चा-बच्चा मोबाइल के लिए रोता है आज का जमाना ऐसा है कि बच्चा-बच्चा मोबाइल के लिए रोता है
बाबा तेरे बागीचे की एक नन्ही सी कली थी मैं। बाबा तेरे बागीचे की एक नन्ही सी कली थी मैं।
खुद को तकलीफ़ हो तो आँसू बरसते है, दूसरों को तकलीफ़ हो तो हँसी बरसती है, खुद को तकलीफ़ हो तो आँसू बरसते है, दूसरों को तकलीफ़ हो तो हँसी बरसती है,
नीले कंठ का दर्शन पाना है अपना जीवन धन्य बनाना है। नीले कंठ का दर्शन पाना है अपना जीवन धन्य बनाना है।
बढ़ चले थे हम एक नये सफ़र पर ये हश्र होगा,पर कभी सोचा ना था। बढ़ चले थे हम एक नये सफ़र पर ये हश्र होगा,पर कभी सोचा ना था।