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Amit Kumar

Romance

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Amit Kumar

Romance

मुश्किल है

मुश्किल है

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चुप रहना भी मुश्किल है 

कुछ कहना भी मुश्किल है 

तुझे चाहना भी मुश्किल है 

तेरे बिन रहना भी मुश्किल है 


जो मुश्किल नहीं है 

वो काम होता नहीं मुझसे 

और जो मुश्किल है 

वो क्यों करना है मुझ को 

इसी कशमकश से आज़िज़ हूं 

इसमें रहना भी मुश्किल है 


कुछ ख़ामोशी तुम्हारी 

कुछ एहबाब यह तुम्हारे 

मेरी ख़्वाहिशें भी तू ही है 

मेरा ऐतबार भी तू ही है 

तेरे अक्स मेरे हमदम 

मेरी रहबर तेरी राहें 

उन राहों पर चलता हूं 

जिन पर जाना भी मुश्किल है..

  

       


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