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Anita Sharma

Tragedy Inspirational Thriller

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Anita Sharma

Tragedy Inspirational Thriller

मुझे मंजूर नहीं

मुझे मंजूर नहीं

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तुम बहुत बढ़ो आगे ये दुआ है मेरी,

पर तुम्हारी वजह से मैं कैद में रहूं

मुझे ये मंजूर नहीं।


तुम्हे मां-पापा का प्यार हमेशा ज्यादा मिले

इससे मुझे कोई शिकायत नहीं,

पर मेरे हिस्से का प्यार भी मुझे न मिले

मुझे ये मंजूर नहीं।


तुम्हारे पैदा होने पर मनाई जाये खुशियां

हजार मुझे कोई शिकवा नहीं,

पर मेरे पैदा होने पर आंसू बहाये जाए

मुझे ये मंजूर नहीं।


मैं हूं तो श्रष्टि पूरी है,इस दुनिया को बनाने में

मेरी बराबरी की हिस्सेदारी है,

फिर भी मुझे तुमसे कम माना जाये

मुझे ये मंजूर नहीं।

नये जमाने की स्त्री...!


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